Google के ठग से बचे – गलत हेल्पलाइन नंबर से सतर्क रहे।

गूगल दुनिया का सबसे विशाल सर्च इंजन, अरबों की संख्या में लोग यहां जानकारी डालते है। परन्तु, यह सत्य नहीं है की सारी जानकारी उचित ही हो किसी भी जानकारी का इस्तेमाल करने से पहले एक बार उस विषय पर अधिक जांच करना अत्यंत आवश्यक है। अब तो साइबर क्राइम इतना बढ़ गया है की, लोग हेल्पलाइन नंबर भी गलत डालते है। 

परन्तु, क्या आप जानते है हेल्पलाइन नंबर क्यों दिया होता है?  

हेल्पलाइन नंबर आपकी समस्या का समाधान करने के लिए दिया जाता है। ग्राहक सुरक्षा नंबर जैसे आदि नंबरों की जगह कई लोग वेबसाइट पर स्वयं का या कोई और गलत नंबर डाल देते है। इतना ही नहीं परन्तु, फीर आपको फोन करके आपका आधार कार्ड नंबर, डेबिट/क्रेडिट कार्ड नंबर, बैंक अकाउंट की जानकारी एवं आदि जानकारी मांगते है और फिर आपको ठग लेते है।

अब यह जाना अत्यंत आवश्यक है, की इससे बचे केसे? 

तो आइए जानते है, सावधानी केसे बरसी जाए –

  • एक से अधिक वेबसाइट पर जाए और चेक करे की क जानकारी या नंबर आपको चाहिए वो दूसरी वेबसाइट पर भी एक जैसा हो तो यह सही हो सकता है।
  • 99% तक बैंक एवं आदि कंपनी बैंक से संबंधित जानकारी नहीं मांगती है मोबाइल पर। 
  • डेबिट/क्रेडिट कार्ड नंबर, OTP या बैंक अकाउंट नंबर कृप्या किसी को न बताए। यदि, आप भीड़-भाड़ वाली जगह पर इस विषय में बात कर रहे हो तो थोड़ा सतर्क रहना।
  • कितनी बार अपने जैसे ही कॉल किया होता है और तुरंत ही, पैसे कट जाते है। तो हेल्पलाइन नंबर को एक बार Truecaller पर सर्च करना भी एक अच्छा विकल्प है।
  • हेल्पलाइन नंबर वेबसाइट पर देखते समय यदि, आपसे कोई जानकारी मांगी जाए तो भूल से भी मत देना।
  • यदि, कभी गलत नंबर पर फोन लगा गया हो तो तुरंत इसकी रिपोर्ट साइबर क्राइम ऑफिस एवं पुलिस को इसकी खबर दे। क्योंकि, ज़्यादातर लोग इसे नजरअंदाज़ कर ऐसे लोगो को बढ़ावा देते है।
  • कभी अगर डेबिट/क्रेडिट कार्ड या बैंक से पैसे आपकी इजाज़त के बाहर के रहे हो तो, तुरंत कंप्लेन कीजिए पुलिस/ साइबर क्राइम प्रोटोकॉल में।
  • कितने हेल्पलाइन नंबर टीवी, रेडियो आदि के माध्यम से भी बताए जाते है। इतना ही नहीं, बल्कि किताबो के माध्यम से भी नंबर मिल सकते है और जिस देश में आप रहेते है उस देश की तरफ से भी सही पर महत्वपूर्ण  हेल्पलाइन नंबर जारी किए होते है।

कुछ और सावधानी बरतनी होगी!

कई बार ऐसे कॉल पर बात करने के बाद आपका फोन हैक भी हो सकता है, और आपके फोन की सारी जानकारी उनके पास जा सकती है। इसलिए पेटीएम, जैसे आदि महत्वपूर्ण ऐप से पहले अपना थंबपरिंट रखना ज़्यादा बहेतर होगा। इतना ही नहीं, कई बार तो आपको बातो में एवं इमोशनल ब्लैकमेल करके आपको लूटने की कोशिश की जाती है।

हेल्पलाइन नंबर किसी की मदद के लिए होता है। गलत हेल्पलाइन नंबर डालना कोई मज़ाक नहीं है, अपराध है। इससे किसी की जान को भी हानी ही सकती है। हेल्पलाइन नंबर किसी की मदद के लिए होता है।

कृप्या, सतर्क रहे और एक जागृत नागरिक की तरह क्राइम खुद के साथ हो या किसी पहेचान वालो के साथ रिपोर्ट लिखवाने से परेशानी बढ़ेगी नहीं कम होगी आपकी।

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